त्त मंत्री अरुण जेटली ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी पर निशाना साधा। उन्होंने जबलपुर में एक कार्यक्रम के दौरान कहा कि 1947 से अब तक देश में कांग्रेस अध्यक्ष जैसा कोई नासमझ नेता नहीं हुआ। राफेल विवाद पर जेटली ने कहा कि 2007 के ऑफर से तुलना करते वक्त वे एस्क्लेशन प्रोसेस को भूल गए और बिना हथियार वाले विमान की तुलना हथियार युक्त एयरक्राफ्ट से कर दी।
जेटली ने कहा कि खाली एयरक्राफ्ट की कोई क्षमता नहीं होती। वह हथियार फिट होने के बाद ही सक्षम होता है। इन दोनों की तुलना एक खाली प्लॉट और प्लॉट पर बने मकान की तुलना करने जैसा है। जेटली ने रविवार को इंदौर में एक कार्यक्रम के दौरान कहा कि मोदी सरकार ने राफेल सौदा काफी कम कीमत पर किया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की तरफ से 3 महीने से रोज झूठ बोला जा रहा है। आप तुलना करेंगे तो पाएंगे कि हथियारयुक्त एयरक्राफ्ट 20% सस्ता हुआ है और जो सिंपल एयरक्राफ्ट है वो 9% सस्ता हुआ है।
तीन साल पहले हुआ था समझौता
भारत-फ्रांस के बीच 2015 में 36 राफेल विमानों का नया सौदा हुआ था। कांग्रेस इसमें घोटाले के आरोप लगा रही है। राहुल गांधी का कहना है कि हम 526 करोड़ रुपए का एक राफेल विमान खरीदने वाले थे। मोदी सरकार इसे 1,600 करोड़ रुपए में खरीद रही है।
केंद्रीय विदेश राज्यमंत्री रिटायर्ड जनरल डॉ. वीके सिंह ने राफेल डील पर कहा कि जब राफेल निर्माता कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने ही कह दिया है कि इस डील में किसी प्रकार की कोई गड़बड़ी नहीं हुई है तो किसी प्रकार के आरोपों की कोई गुंजाइश नहीं बचती। वे रोहतक के मुख्य डाकघर में स्थापित पासपोर्ट सेवा केंद्र के उद्घाटन के बाद पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने कहा कि आरोप लगाने वाले अनपढ़ हैं। उन्हें सही तथ्यों की जानकारी नहीं है।
एक सवाल के जवाब में पूर्व जनरल ने कहा कि सैनिक बोर्ड, अस्पताल, स्कूल आदि तमाम सुविधाओं को एक ही छत के नीचे लाने के लिए हमने तमिलनाडु की तर्ज पर भिवानी में अपने सेना कार्यकाल के दौरान प्रयास किया था। लेकिन वहां के स्थानीय सैनिक बोर्ड के अधिकारियों की लापरवाही के कारण वो प्रयास सिरे नहीं चढ़ पाया।
अगर रोहतक प्रशासन इसके लिए जमीन की तलाश करें तो भारतीय सेना इस कार्य में अवश्य सहायता करेगी। पूर्व जनरल ने कहा कि भारतीय सेना सभी हालातों से निपटने में सक्षम है और वह अपना कार्य सही ढंग से करेगी। पूर्व सैनिकों व शहीदों के परिजनों को कैंटीन पर सामान लेने के लिए अभी बायोमैट्रिक हाजिरी लगानी पड़ रही है। इसके सवाल पर उन्होंने कहा कि इस मामले की समीक्षा की जाएगी। पूर्व सैनिकों को किसी भी दशा में परेशान नहीं होने दिया जाएगा।
अनाथों, संत व तलाकशुदा महिलाओं को भी राहत :
विदेश राज्य मंत्री वीके सिंह ने बताया नागरिकों को दैनिक कार्यों में किसी प्रकार की दिक्कत न हो। इसके लिए सरकार ने सरलीकरण पर विशेष फोकस रखा हैै। उद्देश्य सभी नागरिक सेवाएं लोगों को कम-से-कम समय में उपलब्ध करवाने का है। पहले कागजों के सत्यापन के लिए राजपत्रित अधिकारियों के चक्कर लगाने पड़ते थे।
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